पंजाब पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, गैंगस्टर नेटवर्क पर करारा प्रहार, अपराध दर गिरी

पंजाब में चलाया जा रहा ऑपरेशन गैंगस्टरां ते वार अब केवल गिरफ्तारियों तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसने पूरे संगठित अपराध नेटवर्क की जड़ों पर सीधा असर डाला है। पंजाब पुलिस के अनुसार इस अभियान के बाद राज्य में अपराध दर में स्पष्ट और तेज गिरावट दर्ज की गई है। गैंगस्टर गतिविधियों पर लगातार कार्रवाई से अपराधियों में डर का माहौल बना है और कई नेटवर्क कमजोर हो गए हैं। पुलिस का दावा है कि यह अभियान अब तक का सबसे प्रभावी एंटी-गैंगस्टर ऑपरेशन साबित हो रहा है।
हत्या और फायरिंग के मामलों में भारी गिरावट
आंकड़ों के अनुसार गैंगस्टरों से जुड़े हत्या के मामलों में 100 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है। जनवरी में जहां ऐसे चार मामले सामने आए थे वहीं मार्च तक यह संख्या शून्य हो गई। इसी तरह फायरिंग की घटनाओं में भी 69 प्रतिशत की कमी आई है। पहले जहां 29 मामले दर्ज थे वहीं अब यह घटकर केवल 9 रह गए हैं। यह गिरावट पुलिस की रणनीति और लगातार निगरानी का परिणाम मानी जा रही है। इससे राज्य में आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भरोसा भी मजबूत हुआ है।

फिरौती और छोटे अपराधों पर भी सख्त कार्रवाई
गैंगस्टर नेटवर्क के एक अहम हिस्से यानी फिरौती वसूली पर भी पुलिस ने बड़ा असर डाला है। मार्च तक फिरौती के मामलों में 10.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। जनवरी में 110 मामलों के मुकाबले यह संख्या घटकर 98 रह गई है। पुलिस ने छोटे अपराधों पर भी कड़ी कार्रवाई शुरू की है क्योंकि इन्हीं के जरिए गैंगस्टर अपने नेटवर्क को मजबूत करते हैं। एंटी-गैंगस्टर हेल्पलाइन 93946-93946 की शुरुआत के बाद लोग अब खुलकर शिकायत दर्ज करा रहे हैं। इससे पुलिस को अपराधियों तक पहुंचने में और आसानी हुई है।
पुलिस की रणनीति और जनता का बढ़ता भरोसा
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि यह अभियान सिर्फ बड़े गैंगस्टरों तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे नेटवर्क को खत्म करने पर केंद्रित है। उनका कहना है कि छोटे अपराधियों पर कार्रवाई कर गैंग में भर्ती होने की प्रक्रिया को रोका जा रहा है। इससे पूरे सिस्टम की रीढ़ कमजोर हो रही है। पुलिस की इस सख्ती का असर सीमावर्ती इलाकों में भी देखा जा रहा है। साथ ही जनता का भरोसा भी पुलिस पर बढ़ा है क्योंकि लोग अब अपराध की जानकारी देने में आगे आ रहे हैं।